Income Tax Relief 2025 भारत सरकार समय-समय पर आयकर कानून में बदलाव करती रहती है ताकि करदाताओं को सुविधा मिले और टैक्स सिस्टम पारदर्शी बने। 2025 में एक बड़ा बदलाव आया है, जिसके तहत अब करदाताओं को विदेशी संपत्ति (Foreign Assets) से जुड़ी जानकारी देने में कुछ राहत दी गई है।
सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी भारतीय निवासी ने ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी टैक्स रिटर्न में नहीं दी है, तो उस पर कोई जुर्माना या पेनल्टी नहीं लगेगी। यह कदम आम करदाताओं के लिए बहुत बड़ी राहत है, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश में थोड़ी-बहुत बचत या निवेश रखते हैं।
आइए इसे आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।
पहले क्या नियम था?
Income Tax Relief 2025 पहले आयकर विभाग (Income Tax Department) का नियम था कि अगर कोई भी विदेशी बैंक खाता, शेयर, प्रॉपर्टी या निवेश आपने भारत में ITR (Income Tax Return) भरते समय नहीं बताया, तो यह टैक्स चोरी माना जाता था।
- इस पर भारी जुर्माना लगता था।
- कभी-कभी कानूनी कार्रवाई भी हो सकती थी।
- छोटी गलती या भूल की वजह से भी करदाताओं को दिक्कत होती थी।
नया नियम 2025 से
2025 के बजट में सरकार ने घोषणा की कि –
- अगर किसी करदाता की विदेशी संपत्ति या आय की कीमत ₹20 लाख तक है, और उसने गलती से या भूलवश इसे आयकर रिटर्न में रिपोर्ट नहीं किया, तो उसे अब पेनल्टी नहीं दी जाएगी।
- यह राहत उन करदाताओं को मिलेगी जिनकी नीयत साफ है और जिन्होंने जानबूझकर टैक्स चोरी नहीं की।
- यानी अगर आपकी विदेशी संपत्ति छोटी है और आपने गलती से रिपोर्ट नहीं की, तो अब डरने की जरूरत नहीं है।
Income Tax Relief 2025 क्यों किया गया यह बदलाव?
- छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए – कई बार लोग विदेश में पढ़ाई या नौकरी करते समय थोड़ा पैसा बचा लेते हैं, या छोटे निवेश कर देते हैं। लेकिन ITR भरते समय वे भूल जाते हैं। अब ऐसे लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।
- अनावश्यक कानूनी बोझ कम करने के लिए – आयकर विभाग का ध्यान अब बड़े मामलों और असली टैक्स चोरी पर होगा, न कि छोटे-मोटे मामलों पर।
- पारदर्शिता बढ़ाने के लिए – जब टैक्स कानून आसान होंगे, तो लोग भी ईमानदारी से अपनी आय और संपत्ति की जानकारी देंगे।
Income Tax Relief 2025 किन-किन चीजों को विदेशी संपत्ति माना जाता है?
Income Tax Relief 2025 विदेशी संपत्ति का मतलब केवल जमीन-जायदाद नहीं होता, बल्कि इसमें कई चीजें आती हैं, जैसे –
- विदेश में बैंक खाता
- विदेशी कंपनियों के शेयर या म्यूचुअल फंड
- विदेश में खरीदी गई प्रॉपर्टी
- विदेश में जमा बचत या फिक्स्ड डिपॉजिट
- विदेशी कंपनी से आय
अगर इन सबकी कुल कीमत ₹20 लाख से कम है और आपने इसे ITR में नहीं बताया, तो अब पेनल्टी से बचाव मिलेगा।
Income Tax Relief 2025 राहत का फायदा किन्हें मिलेगा?
- मध्य वर्ग और नौकरीपेशा लोग – जो विदेश में नौकरी करके थोड़ी बचत भारत लाते हैं।
- विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्र – जिनके बैंक खाते में छोटे-मोटे पैसे जमा रहते हैं।
- छोटे निवेशक – जिन्होंने विदेश में मामूली निवेश किया है।
ध्यान देने वाली बातें
- यह राहत केवल ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति या आय पर है।
- अगर आपकी विदेशी संपत्ति ₹20 लाख से ज्यादा है और आपने उसे छुपाया है, तो अब भी सख्त कार्रवाई होगी।
- यह नियम केवल गलती या भूल से छूटे हुए मामलों पर लागू होगा, जानबूझकर छुपाने वालों को फायदा नहीं मिलेगा।
करदाताओं के लिए संदेश
सरकार ने यह बदलाव इसलिए किया है ताकि ईमानदार करदाताओं को राहत मिले। लेकिन फिर भी सलाह यही है कि –
- ITR भरते समय हमेशा सही और पूरी जानकारी दें।
- अगर आपकी विदेशी संपत्ति है तो उसकी सही डिटेल रिपोर्ट करें।
- किसी भी गलती से बचने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स विशेषज्ञ की मदद लें।
नतीजा
2025 की यह आयकर राहत लाखों भारतीयों के लिए खुशखबरी है। अब छोटे निवेश या विदेशी संपत्ति न बताने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति न बताने पर पेनल्टी नहीं लगेगी।
यह कदम न केवल करदाताओं के बोझ को कम करेगा बल्कि आयकर कानून को और भी आसान और व्यावहारिक बनाएगा।






