पैसे को सुरक्षित रखना और बढ़ाना हर किसी की ज़रूरत होती है। बैंक में निवेश करने के लिए लोग अक्सर FD (Fixed Deposit) और RD (Recurring Deposit) का चुनाव करते हैं। दोनों ही विकल्प सुरक्षित माने जाते हैं और गारंटीड रिटर्न (Return) भी देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आपके लिए कौन-सा बेहतर रहेगा – FD या RD? आइए आसान शब्दों में समझते हैं।
FD (Fixed Deposit) क्या है?
FD एक ऐसा निवेश है जिसमें आप एक तय समय के लिए एकमुश्त रकम बैंक में जमा करते हैं। उस पर बैंक आपको तय ब्याज दर से ब्याज देता है।
- पैसा एक बार में जमा करना होता है।
- ब्याज दर तय रहती है।
- समय पूरा होने पर मूलधन और ब्याज दोनों मिलते हैं।
- इसे “टर्म डिपॉजिट” भी कहते हैं।
उदाहरण: अगर आपने ₹1,00,000 की FD 5 साल के लिए 7% ब्याज पर करवाई है तो 5 साल बाद आपको करीब ₹1,40,000 मिलेंगे।
RD (Recurring Deposit) क्या है?
RD एक तरह की जमा योजना है जिसमें आप हर महीने एक तय रकम जमा करते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो हर महीने छोटी-छोटी बचत करके निवेश करना चाहते हैं।
- हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है।
- ब्याज दर वही रहती है जो FD पर बैंक देता है।
- समय पूरा होने पर सभी जमा पैसे और ब्याज मिल जाते हैं।
उदाहरण: अगर आप ₹5,000 हर महीने 5 साल तक RD में डालते हैं और ब्याज दर 7% है तो मैच्योरिटी पर करीब ₹3,60,000 मिलेंगे।
FD और RD में मुख्य अंतर
| बिंदु | FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) | RD (रिकरिंग डिपॉजिट) |
|---|---|---|
| निवेश का तरीका | एक बार में बड़ी रकम जमा | हर महीने छोटी रकम जमा |
| किसके लिए सही | जिनके पास बड़ी सेविंग है | जो हर महीने थोड़ी बचत करना चाहते हैं |
| ब्याज दर | स्थिर रहती है | स्थिर रहती है |
| लॉक-इन अवधि | 7 दिन से 10 साल तक | 6 महीने से 10 साल तक |
| निकासी | समय से पहले निकालने पर पेनाल्टी | समय से पहले तोड़ने पर पेनाल्टी |
| रिटर्न | एकमुश्त रकम पर ब्याज | धीरे-धीरे जमा रकम पर ब्याज |
FD क्यों चुनें?
- अगर आपके पास एकमुश्त पैसा है और आप उसे सुरक्षित रखना चाहते हैं।
- अगर आप तय और निश्चित ब्याज चाहते हैं।
- टैक्स सेविंग FD चुनकर आप टैक्स में भी छूट ले सकते हैं (80C के तहत)।
- अचानक पैसे की ज़रूरत हो तो लोन भी ले सकते हैं।
RD क्यों चुनें?
- अगर आपके पास हर महीने बचाने लायक थोड़ी रकम है।
- यह छोटे निवेशकों और छात्रों के लिए अच्छा विकल्प है।
- अनुशासन (Discipline) के साथ बचत करने की आदत डालता है।
- लंबी अवधि में बड़ी रकम बन जाती है।
FD और RD के फायदे
- दोनों ही निवेश विकल्प सुरक्षित हैं क्योंकि ये बैंक और पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध होते हैं।
- मार्केट रिस्क नहीं है, यानी शेयर बाजार गिरने-चढ़ने का असर नहीं पड़ता।
- निश्चित ब्याज दर से गारंटीड रिटर्न मिलता है।
- निवेशक अपनी ज़रूरत और क्षमता के अनुसार समय और रकम चुन सकते हैं।
FD और RD की कमियां
- महंगाई (Inflation) बढ़ने पर FD और RD का रिटर्न कभी-कभी कम लग सकता है।
- समय से पहले पैसे निकालने पर पेनाल्टी देनी पड़ती है।
- ब्याज पर टैक्स लगता है, अगर आपकी कुल इनकम टैक्स स्लैब में आती है।
किसे चुनें – FD या RD?
यह पूरी तरह आपके हालात और ज़रूरतों पर निर्भर करता है।
- अगर आपके पास एकमुश्त पैसा है और आप उसे बढ़ाना चाहते हैं, तो FD बेहतर विकल्प है।
- अगर आप हर महीने नियमित बचत कर सकते हैं, तो RD आपके लिए सही विकल्प होगा।
निष्कर्ष
FD और RD दोनों ही सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प हैं। इनमें न तो ज्यादा रिस्क है और न ही जटिलता। अगर आपको भविष्य के लिए पैसा सुरक्षित रखना है तो दोनों ही अच्छे विकल्प हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि FD में आपको एक बार बड़ी रकम निवेश करनी होती है, जबकि RD में आप छोटी-छोटी किश्तों में बचत कर सकते हैं।
इसलिए, निवेश से पहले अपनी ज़रूरत, आय और सेविंग्स की क्षमता को ध्यान में रखते हुए फैसला करें। सही चुनाव आपको न सिर्फ सुरक्षित निवेश देगा बल्कि भविष्य में वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।






